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Vivah Muhurat 2026: शहनाइयों से गूंजेगा 2026, ज्योतिष के अनुसार 2026 में विवाह के लिए हिंदू विवाह तिथियां
विवाह मुहूर्त 2026: संपूर्ण कैलेंडर
59+ शुभ तिथियां, नक्षत्र और अबूझ मुहूर्त की विस्तृत जानकारी
वर्ष 2026 विवाह के लिए अत्यंत शुभ और मांगलिक साल होने जा रहा है, जब देशभर में शहनाइयों की मधुर स्वर लहरियां गूंजेंगी और हजारों जोड़े पवित्र विवाह बंधन में बंधेंगे। हिंदू पंचांग के अनुसार, साल 2026 में कुल 59 से अधिक शुभ विवाह मुहूर्त उपलब्ध हैं, जो फरवरी से लेकर दिसंबर तक विभिन्न महीनों में फैले हुए हैं। ज्योतिष विज्ञान के अनुसार, सही मुहूर्त में विवाह करना केवल परंपरा नहीं, बल्कि दांपत्य जीवन में सुख, समृद्धि और आपसी समझ को बढ़ावा देने का एक वैज्ञानिक तरीका है। इस वर्ष विशेष रूप से जून माह में सर्वाधिक 8 शुभ मुहूर्त उपलब्ध हैं, जबकि फरवरी में 13, मार्च में 9 और अप्रैल में 9 मुहूर्त हैं। इसके अलावा, पांच अबूझ मुहूर्त भी हैं जिनमें बिना पंचांग देखे विवाह संपन्न किया जा सकता है - देवउठनी एकादशी, बसंत पंचमी, फुलेरा दूज, अक्षय तृतीया और विजयादशमी। यह लेख आपको 2026 के संपूर्ण विवाह मुहूर्तों की विस्तृत जानकारी प्रदान करता है।
2026 में विवाह मुहूर्त का महत्व
विवाह हिंदू धर्म में सबसे पवित्र संस्कारों में से एक माना जाता है, जो दो आत्माओं और दो परिवारों को एक सूत्र में बांधता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सही समय पर विवाह करना दांपत्य जीवन में स्थिरता, सुख और समृद्धि लाता है। साल 2026 में कुल 59 से अधिक शुभ विवाह मुहूर्त उपलब्ध हैं, जो विभिन्न नक्षत्रों और ग्रह स्थितियों के अनुकूल हैं। पहला शुभ मुहूर्त 5 फरवरी 2026 से शुरू होगा और अंतिम मुहूर्त 6 दिसंबर 2026 को रहेगा।
जनवरी 2026 विवाह मुहूर्त
जनवरी 2026 का पूरा महीना विवाह संस्कारों के लिए वर्जित रहेगा क्योंकि इस दौरान ग्रहों की स्थिति अनुकूल नहीं रहती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जब नक्षत्रों की स्थिति उपयुक्त नहीं होती तब विवाह जैसे शुभ कार्य को टालना ही श्रेयस्कर माना जाता है। इसलिए विवाह की योजना बना रहे परिवारों को फरवरी माह की प्रतीक्षा करनी होगी।
फरवरी 2026 विवाह मुहूर्त 13 मुहूर्त
फरवरी माह ठंडी हवाओं और रोमांटिक मौसम के साथ विवाह के लिए अत्यंत उपयुक्त रहता है। इस माह में कुल 13 शुभ विवाह मुहूर्त उपलब्ध हैं। 5 फरवरी को वर्ष का पहला शुभ मुहूर्त पड़ रहा है जो उत्तर फाल्गुनी और हस्त नक्षत्र में रहेगा। 6 फरवरी को शुक्रवार को हस्त नक्षत्र में सुबह 7:07 बजे से रात 11:37 बजे तक शुभ समय रहेगा। 8, 10, 12, 14 फरवरी को क्रमशः स्वाति, अनुराधा, मूल और उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में विवाह के लिए उत्तम समय रहेगा। 19, 20 और 21 फरवरी को उत्तर भाद्रपद और रेवती नक्षत्र में विवाह मुहूर्त हैं। महीने के अंत में 24, 25 और 26 फरवरी को रोहिणी और मृगशिरा नक्षत्र में विशेष रूप से शुभ समय रहेगा।
मार्च 2026 विवाह मुहूर्त
09 मुहूर्त
मार्च का महीना नई शुरुआत और खुशियों का प्रतीक है जब वसंत ऋतु का आगमन होता है। इस माह में विवाह के लिए 9 शुभ मुहूर्त उपलब्ध हैं। 2 और 3 मार्च को मघा और पूर्व फाल्गुनी नक्षत्र में विवाह के लिए अनुकूल समय रहेगा। 4 मार्च बुधवार को उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र में सुबह 7:39 से 8:52 बजे तक शुभ मुहूर्त है। 7 और 8 मार्च को स्वाति नक्षत्र में लगातार दो दिन विवाह के लिए उत्तम समय रहेगा। 9 मार्च सोमवार को अनुराधा नक्षत्र में शाम 4:11 से रात 11:27 बजे तक शुभ समय है। 11 और 12 मार्च को मूल नक्षत्र में महीने के अंतिम शुभ मुहूर्त पड़ रहे हैं।
अप्रैल 2026 विवाह मुहूर्त
09 मुहूर्त
अप्रैल माह में जब वसंत अपनी पूरी छटा बिखेरता है, तब विवाह के लिए 9 शुभ तिथियां उपलब्ध हैं। 15 अप्रैल बुधवार को उत्तराभाद्रपद नक्षत्र में दोपहर 3:22 से रात 10:31 बजे तक शुभ समय रहेगा। 20 और 21 अप्रैल को रोहिणी और मृगशिरा नक्षत्र में विशेष रूप से मांगलिक मुहूर्त हैं। 25, 26 और 27 अप्रैल को मघा और उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र में लगातार तीन दिन विवाह के लिए अनुकूल समय रहेगा। 28 और 29 अप्रैल को उत्तर फाल्गुनी और हस्त नक्षत्र में महीने के अंतिम शुभ अवसर हैं।मई 2026 विवाह मुहूर्त
8 मुहूर्त
मई माह गर्मियों की शुरुआत और नई ऊर्जा का समय होता है जब 8 शुभ विवाह मुहूर्त उपलब्ध रहते हैं। 1 मई शुक्रवार को स्वाति नक्षत्र में सुबह 10:00 बजे से रात 9:13 बजे तक विवाह के लिए उत्तम समय है। 3 मई रविवार को अनुराधा नक्षत्र में पूरे दिन शुभ मुहूर्त रहेगा। 5, 6, 7 और 8 मई को मूल और उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में लगातार चार दिन विवाह संस्कार के लिए अनुकूल स्थिति रहेगी। 13 और 14 मई को उत्तराभाद्रपद और रेवती नक्षत्र में महीने के अंतिम शुभ अवसर हैं।
जून 2026 विवाह मुहूर्त
8 मुहूर्त
जून माह 2026 में सबसे अधिक 8 शुभ विवाह मुहूर्त उपलब्ध हैं जो इसे विवाह के लिए सर्वोत्तम महीना बनाता है। 21 जून रविवार को उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र में सुबह 9:31 से 11:21 बजे तक मुहूर्त है। 22 और 23 जून को हस्त नक्षत्र में लगातार दो दिन शुभ समय रहेगा। 24 और 25 जून को स्वाति नक्षत्र में विवाह के लिए अनुकूल तिथियां हैं। 26 और 27 जून को अनुराधा नक्षत्र में शुक्रवार और शनिवार को शुभ मुहूर्त पड़ रहे हैं। 29 जून सोमवार को मूल नक्षत्र में महीने का अंतिम शुभ दिन है।
जुलाई 2026 विवाह मुहूर्त
5 मुहूर्त
जुलाई माह में चतुर्मास शुरू होने से पहले 5 शुभ विवाह मुहूर्त उपलब्ध हैं। 1 जुलाई बुधवार को उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में सुबह 6:
51 से दोपहर 4:04 बजे तक शुभ समय है। 6 और 7 जुलाई को उत्तराभाद्रपद नक्षत्र में विवाह के लिए उत्तम अवसर रहेगा। 11 और 12 जुलाई को रोहिणी और मृगशिरा नक्षत्र में महीने के अंतिम शुभ मुहूर्त हैं।
अगस्त, सितंबर और अक्टूबर 2026 - चतुर्मास काल
हिंदू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जुलाई के मध्य से लेकर नवंबर तक चतुर्मास का समय रहता है जब भगवान विष्णु योगनिद्रा में होते हैं। इस चार माह की अवधि में विवाह जैसे मांगलिक कार्य वर्जित माने जाते हैं क्योंकि ग्रहों और नक्षत्रों की स्थिति अनुकूल नहीं रहती। इसलिए अगस्त, सितंबर और अक्टूबर के महीनों में कोई शुभ विवाह मुहूर्त नहीं होता है।
नवंबर 2026 विवाह मुहूर्त
4 मुहूर्त
देवउठनी एकादशी के बाद नवंबर माह में विवाह के शुभ मुहूर्त पुनः शुरू होते हैं। इस माह में कुल 4 शुभ तिथियां उपलब्ध हैं। 21 नवंबर शनिवार को रेवती नक्षत्र में सुबह 6:44 बजे से रात 12:08 बजे तक शुभ समय है। 24 नवंबर मंगलवार को रोहिणी नक्षत्र में रात 11:25 बजे से अगले दिन सुबह तक मुहूर्त रहेगा। 25 और 26 नवंबर को रोहिणी और मृगशिरा नक्षत्र में लगातार दो दिन विवाह के लिए अनुकूल समय रहेगा।
दिसंबर 2026 विवाह मुहूर्त
5 मुहूर्त
दिसंबर माह में त्योहारी माहौल और सर्दियों की सुहावनी ठंड के साथ 5 शुभ विवाह मुहूर्त आते हैं। 2 दिसंबर बुधवार को उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र में सुबह 10:32 बजे से अगले दिन सुबह तक शुभ समय रहेगा। 3 दिसंबर गुरुवार को उत्तर फाल्गुनी और हस्त नक्षत्र में दो बार शुभ मुहूर्त पड़ रहे हैं। 4 दिसंबर शुक्रवार को हस्त नक्षत्र में विवाह के लिए उत्तम समय है। 5 और 6 दिसंबर को स्वाति नक्षत्र में वर्ष 2026 के अंतिम शुभ विवाह मुहूर्त हैं।
✨ 5 महा-सिद्ध (अबूझ) मुहूर्त 2026
इन तिथियों पर बिना पंचांग देखे विवाह किया जा सकता है:
- बसंत पंचमी (23 जनवरी)
- फुलेरा दूज (19 फरवरी)
- अक्षय तृतीया (19 अप्रैल)
- विजयादशमी (20 अक्टूबर)
- देवउठनी एकादशी (30 सितंबर)
विवाह के लिए सर्वोत्तम नक्षत्र
ज्योतिष शास्त्र में इन नक्षत्रों को दांपत्य सुख के लिए श्रेष्ठ माना गया है:
नियोजन के लिए महत्वपूर्ण सुझाव
- चतुर्मास का ध्यान रखें: जुलाई मध्य से नवंबर तक भगवान विष्णु निद्रा में होते हैं, अतः इस दौरान मुहूर्त नहीं हैं।
- अग्रिम बुकिंग: जून और फरवरी में अधिक मुहूर्त होने से मैरिज गार्डन और कैटरर्स की भारी मांग रहेगी।
- कुंडली मिलान: सामान्य मुहूर्त के साथ-साथ व्यक्तिगत कुंडली मिलान सुखद भविष्य के लिए अनिवार्य है।
2026 में विवाह नियोजन के सुझाव
वर्ष 2026 में विवाह की योजना बना रहे परिवारों को कुछ व्यावहारिक बातों का ध्यान रखना चाहिए। जून माह में सर्वाधिक 8 मुहूर्त होने से यह महीना अत्यधिक व्यस्त रहेगा, इसलिए स्थल और सेवाओं का पहले से आरक्षण करें। फरवरी और मार्च के मुहूर्त भी लोकप्रिय होंगे क्योंकि मौसम अनुकूल रहता है। अबूझ मुहूर्तों में विशेष रूप से अक्षय तृतीया और देवउठनी एकादशी पर अधिक भीड़ की संभावना रहती है। बजट, अतिथि सूची और सांस्कृतिक परंपराओं को ध्यान में रखते हुए पहले से तैयारी शुरू कर देनी चाहिए।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
कुल 59 से अधिक शुभ मुहूर्त उपलब्ध हैं (विभिन्न गणनाओं के अनुसार यह 81 तक हो सकते हैं)।
23 जनवरी को बसंत पंचमी (अबूझ मुहूर्त) को छोड़कर पूरा महीना वर्जित है।